भारत और रूस के बीच परमाणु ऊर्जा, परमाणु ईंधन और परमाणु विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में सहयोग की अपार संभावनाएं हैं। घोषणा पत्र में कहा गया कि दोनों देशों के बीच परमाणु ऊर्जा क्षेत्र में बढ़ती साझेदारी से भारत में सरकार के 'मेक इन इंडिया' पहल के तहत उन्नत परमाणु विनिर्माण संयंत्रों के विकास के रास्ते खुलेंगे। दोनों देशों ने यह भी कहा कि वे साझा सिद्धांतों के आधार पर एशिया-प्रशांत क्षेत्र में एक खुले, समेकित और समेकित सुरक्षा वास्तुकला के निर्माण के प्रयासों की सुविधा जारी रखेंगे और इस क्षेत्र के सभी राज्यों के वैध हितों को ध्यान में रखेंगे। दोनों देशों ने यह भी कहा कि वे एशिया प्रशांत क्षेत्र में साझा सिद्धांतों के आधार पर एक खुली, संतुलित और समावेशी सुरक्षा तंत्र के निर्माण की कोशिशों को बढ़ावा देंगे और क्षेत्र के सभी देशों के न्यायसंगत हितों का ध्यान रखेंगे। यह पूर्वी एशिया शिखर सम्मेलन के ढांचे के तहत 'प्रासंगिक संवाद' के विकास से संभव हो सकेगा।
भारत और रूस के बीच तमिलनाडु के कुडनकुलम में न्यूक्लियर पावर प्लांट की दो नई यूनिटों के लिए अग्रीमेंट लंबे इंतजार के बाद फाइनल हो गया है। रूस के राष्ट्रपति व्लादीमिर पुतिन और भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के बीच बातचीत के बाद सेंट पीटर्सबर्ग घोषणापत्र जारी किया गया। इसमें बताया गया कि दोनों देशों ने कुडनकुलम न्यूक्लियर पावर प्लांट की पांचवीं और छठी यूनिट के जनरल फ्रेमवर्क अग्रीमेंट फाइनल कर दिया है। परमाणु समझौते सहित दोनों देशों के बीच 5 करार हुए हैं जिनमें कल्चरल एक्सचेंज, रेलवे और जूलरी एक्सपोर्ट शामिल है।
Author: JAN TV Editorial Team
DISCLAIMER: इस वेबसाइट पर दी गई जानकारी केवल सामान्य एवं शैक्षणिक उद्देश्यों के लिए है। हमने जानकारी को सटीक रखने का प्रयास किया है, लेकिन इसकी पूर्णता या विश्वसनीयता की गारंटी नहीं दी जाती। तृतीय-पक्ष वेबसाइटों या स्रोतों की सामग्री पर हमारा नियंत्रण नहीं है। इस जानकारी के आधार पर लिया गया कोई भी निर्णय आपके अपने विवेक और जोखिम पर होगा।