कजाकिस्तानः पीएम मोदी की पाक पीएम नवाज़ से हुयी अनऔपचारिक मुलाक़ात
(International) कजाकिस्तान में शंघाई सहयोग संगठन सम्मेलन के स्वागत समारोह में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और पाक के प्रधानमंत्री नवाज शरीफ का आमना-सामना हुआ। दोनों नेताओं ने एक-दूसरे का अभिवादन किया। मोदी ने शरीफ और उनकी मां की सेहत का हालचाल लिया। शरीफ का हाल ही में हार्ट का ऑपरेशन हुआ है। हालांकि शुक्रवार को सम्मेलन से इतर दोनों नेताओं की बैठक पर अभी भी अटकलें हैं। नियंत्रण रेखा पर भारतीय सैनिकों के शव को क्षत़़विक्षत करना, कुलभूषण जाधव को फांसी की सजा जैसे मुद्दों को लेकर दोनों देशों के बीच तनाव है। स्वागत समारोह के लिए रवाना होने से पहले शरीफ से सवाल किया गया था कि क्या उनकी मोदी से मुलाकात होगी। इस पर वह सिर्फ मुस्कुराए और मीडियाकर्मियों की ओर हाथ हिलाया। शरीफ के सलाहकार सरताज अजीज ने इस सवाल का जवाब नहीं दिया। भारत के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता गोपाल बागले का भी कहना है कि मुलाकात के लिए न तो पाकिस्तान की ओर से अनुरोध किया गया है और न ही ऐसा कोई प्रस्ताव भारत ने किया है।

एससीओ के शुक्रवार को होने वाले सम्मेलन में भारत आतंकवाद के मुद्दे पर जोर देगा, ताकि आतंकवाद पर दोहरा रुख रखने वाले देशों को घेरा जा सके। पाक और चीन आतंकवाद के मुद्दे पर दोहरा मापदंड दिखाते रहे हैं। सम्मेलन में अपने संबोधन के दौरान मोदी आतंकवाद के मुद्दे पर सहयोग का आह्वान करेंगे। उन्होंने गुरुवार को कजाकिस्तान राष्ट्रपति नूरसुल्तान नजरबायेव से मुलाकात की और द्विपक्षीय संबंधों को विस्तार देने के तरीकों पर चर्चा की। सम्मेलन की शुरुआत शाम एक शानदार संगीत कार्यक्रम के साथ हुई। सबसे पहले भारतीय शास्त्रीय नत्य कत्थक की प्रस्तुति से हुई। बेंगलुरु के आठ नर्तकों ने भगवान गणेश को समर्पित महागणपतिम की प्रस्तुति दी। भारत एससीओ के क्षेत्रीय आतंकवाद रोधी ढांचा (रैट्स) से रक्षा-सुरक्षा सहयोग मजबूत करेगा। चीन के प्रभुत्व वाले इस संगठन में शामिल होने से भारत का एशिया में अहमियत बढ़ेगी और ऊर्जा समेत व्यापार के विभिन्न क्षेत्रों में समझौते आसान होंगे। रूस, ताजिकिस्तान, किर्गिस्तान और उज्बेकिस्तान भी संगठन के सदस्य हैं। इन मध्य एशियाई देशों के पास तेल और प्राकृतिक गैस का प्रचुर भंडार है और भारत इनका बड़ा उपभोक्ता है।

1.45 अरब की अतिरिक्त आबादी संगठन से जुड़ जाएगी....20 % विश्व की जीडीपी एससीओ के दायरे में होगी
2015 जुलाई में भारत-पाक को सदस्यता का फैसला....2005 से शंघाई सहयोग संगठन में पर्यवेक्षक है भारत...2001 के बाद पहली बार संगठन का विस्तार हो रहा है

Author: JAN TV Editorial Team

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