पंजाब विधानसभा: 'आप' और अकाली दल का वाकआउट, अकालियों ने पहने काले चोगे
(PUNJAB, PUNJAB) पंजाब विधानसभा ने पूर्व उपमुख्यमंत्री सुखवीर बादल द्वारा सदन की अवमानना करने और अध्यक्ष के विरूद्ध अपशब्दों का प्रयोग करने का मामला विशेषाधिकार हनन कमेटी के हवाले कर दिया है। इस बीच सरकार ने सभी सरकारी अस्पतालों और मेडीकल कालोजों में डायलेसिस फ्री करने की भी सदन में घोषणा की। अकाली काले चोगे पहनकर सदन में आए और थोड़ी देर बाद आम आदमी पार्टी और अकाली—भाजपा सदन से वाकआउट कर गए।

सदन की कार्यवाही आरंभ होते ही आम आदमी पार्टी और अकाली—भाजपा गठबंधन के सदस्यों ने अपनी सीटों पर खड़े होकर पिछले दिन की घटना के विरोध में नारेबाजी की। यह सदस्य अध्यक्ष की तानाशाही के विरुद्ध नारेबाजी कर रहे थे। उनकी मांग थी कि अध्यक्ष अपने व्यवहार और सिखों के हुए अपमान के लिए सदन से माफी मांगे। जब अध्यक्ष ने नारेबाजी की आेर ध्यान नहीं दिया तो अकाली और आम आदमी पार्टी के विधायक बेल में आकर नारेबाजी करने लगे। अकालियों ने काले चोगे पहने थे और हाथों में विभिन्न नारों वाले कागज उठा रखे थे। लगभग पांच मिनट की नारेबाजी के बाद अकाली सदन में वाकआउट कर गए। उसके बाद आम आदमी पार्टी के विधायक भी वाकआउट कर गए।

ससंदीय कार्य मंत्री ब्रह्म महेंद्र ने पिछले दिन सदन में घटित घटनाआें के लिए पूर्व उप—मुख्यमंत्री सुखबीर बादल को दोषी ठहराया। उन्होंने कहा कि सुखबीर बादल ने अध्यक्ष का अपमान किया है। उनके विरूद्ध अस्भय भाषा का प्रयोग किया। उनके लिए गंदी भाषा का प्रयोग किया है। उन पर पेपर किताबे फेंकी हैं। ऐसा करके उन्होंने सदन और चैयर की अवमानना की है। महेंद्र ने सुखबीर के विरुद्ध विशेषाधिकार हनन का मामले का प्रस्ताव सदन में रखा। जिसे बहुमत से पारित कर कमेटी को सौंप दिया गया।

इसी बीच, स्वास्थ्य मंत्री ब्रह्म महेंद्रा ने घोषणा की अब राज्य के लोगों को सरकारी अस्पतालों और मैडीकल कालजों में डायलेसिस की सुविधा फ्री देने का निर्णय किया है। उन्होंने कहा कि लोग इस लाभ उठा सकते हैं। सदन ने आज विपक्ष की अनुपस्थिति में ग्यारह विल पारित कर दिए। जिसमें खालसा यूनिर्वस्टीज (रद्द) विल भी शामिल है। बिल में कहा गया है कि उक्त यूनिर्वस्टीज बनाने से एतिहासिक खालसा कॉलेज को विरासत समाप्त हो जाएगी। इससे इसके एतिहासिक गौरव और स्वरुप को धक्का लगेगा। अत: इस बिल को रद्द किया जाता है।

स्मरण रहे अकालियों ने खालसा यूनिवर्सिटी बननो के लिए यह विल पारित किया था। इसके अलावा सहकारी सभाएं संशोधन बिल और अन्य बिल भी पारित कर दिए गए। बिल पारित करने के बाद सदन की कार्रवाई को अनिश्चितकाल के लिए स्थगित कर दिया गया।

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