स्वामी विवेकानन्द पुण्यतिथि पर आइये स्मरण करते हैं उनके बताये गए सिद्धांतों को ........
(Jaipur, Jaipur) स्वामी विवेकानन्द- वेदान्त के विख्यात और प्रभावशाली आध्यात्मिक गुरु, अमेरिका स्थित शिकागो में सन् 1893 में आयोजित विश्व धर्म महासभा में भारत की ओर से सनातन धर्म का प्रतिनिधित्व किया,कलकत्ता के एक कुलीन बंगाली परिवार में जन्मे,गुरु रामकृष्ण देव से प्रभावित....विवेकानंद को एक देशभक्त संत के रूप में माना जाता है, और इनके जन्मदिन को राष्ट्रीय युवा दिवस के रूप में मनाया जाता है।

Born: 12 January 1863, Kolkata
Died: 4 July 1902, Belur


आइये स्मरण करते हैं आज उनकी पुण्यतिथि पर... उनके बताये गए सिद्धांतों पर........
उठो, जागो और बढ़ो!

Remembering, Swami Vivekananda, the eternal youth icon, who understood, believed in youth power & inspired millions!

स्वामी विवेकांनद की पुण्य तिथि पर शत शत नमन !

स्वामी विवेकानन्द के शिक्षा दर्शन के आधारभूत सिद्धान्त हैं –

१. शिक्षा ऐसी हो जिससे बालक का शारीरिक, मानसिक एवं आत्मिक विकास हो सके।

२. शिक्षा ऐसी हो जिससे बालक के चरित्र का निर्माण हो, मन का विकास हो, बुद्धि विकसित हो तथा बालक आत्मनिर्भन बने।

३. बालक एवं बालिकाओं दोनों को समान शिक्षा देनी चाहिए।

४. धार्मिक शिक्षा, पुस्तकों द्वारा न देकर आचरण एवं संस्कारों द्वारा देनी चाहिए।

५. पाठ्यक्रम में लौकिक एवं पारलौकिक दोनों प्रकार के विषयों को स्थान देना चाहिए।

६. शिक्षा, गुरू गृह में प्राप्त की जा सकती है।

७. शिक्षक एवं छात्र का सम्बन्ध अधिक से अधिक निकट का होना चाहिए।

८. सर्वसाधारण में शिक्षा का प्रचार एवं प्रसार किया जान चाहिये।

९. देश की आर्थिक प्रगति के लिए तकनीकी शिक्षा की व्यवस्था की जाय।

१०. मानवीय एवं राष्ट्रीय शिक्षा परिवार से ही शुरू करनी चाहिए।

Author: JAN TV Editorial Team

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