मुख्यमंत्री इन दिनों वायरल इन्फेक्शन से उबर रहे हैं। हालांकि उनकी चुप्पी के राजनीतिक निहितार्थ तलाशे जा रहे हैं। ऐसा इसलिए भी कहा जा रहा है क्योंकि मंगलवार को गैर-बीजेपी दलों ने उपराष्ट्रपति कैंडिडेट को लेकर मीटिंग का आयोजन किया है और उसी दिन जेडीयू ने अपने विधायकों और सांसदों की पटना में बैठक बुलाई है। इसके अलावा बिहार सरकार में गठबंधन सहयोगी आरजेडी चीफ लालू प्रसाद यादव और उनके परिजनों के ठिकानों पर सीबीआई के छापों पर भी वह अब तक चुप ही रहे हैं।
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