राजपूत नेताओं और राज्य सरकार के तीन मंत्रियों के बीच मंगलवार को सचिवालय में वार्ता हुई। करीब चार घण्टे की बातचीत के बाद दोनों पक्षों के बीच सहमति बनी कि 24 जून को चूरू जिले के रतनगढ़ थाना क्षेत्र के मालासर गांव में पुलिए एनकाउंटर में मारे गए आननंदपाल सिंह और 12 जुलाई को नागौर के सांवराद गांव में हुए घटनाक्रम में मारे गए सुरेन्द्रसिंह प्रकरण की जांच सीबीआई से कराने के लिए राज्य सरकार की ओर से अनुशंसा की जाएगी।
इसी प्रकार राज्य सरकार अन्य प्रकरणों में दर्ज मुकदमों में कोई द्वेषतापूर्ण कार्रवाई नहीं की जाएगी। आनंदपाल सिंह की पुत्री चीनू की भारत वापसी में राज्य सरकार की ओर से कोई कठिनाई प्रस्तुत नहीं की जाएगी। समझौते के अनुसार श्रवणसिंह और उसके परिवार पर कोई नजरबंदी नहीं है तथा वह और उसका परिवार अपना सामान्य जीवन यापन कर रहा है। श्रवणसिंह या उसके परिवार का कोई भी जिम्मेदार व्यक्ति उनके मकान को संभाल सकता है।
कमांडो सोहनसिंह का परिवार जयपुर से वेदांता अस्पताल में साथ में ही गया है। अगर वेदांता में परिजनों को चिकित्सा कारणों से मिलने में कोई कठिनाई आना व्यक्त किया गया तो वहां के चिकित्सकों से संपर्क कर उसके परिजनों को मिलाने में राज्य सरकार अपेक्षित सहयोग करेगी। समझौते के अनुसार आनंदपाल सिंह के परिजनों द्वारा आवेदन करने पर 24 घण्टे के भीतर प्रथम पोस्टमार्टम रिपोर्ट उपलब्ध करा दी जाएगी।
इसी प्रकार राज्य सरकार द्वारा जन आंदोलन के दौरान हिंसा में घायल, मृतकों के परिजनों को देय मुआवजे के संबंध में राज्य सरकार द्वारा पूर्व में प्रसारित दिशा निर्देश के अनुसार सहायता दी जाएगी।
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