कांग्रेस को नहीं भाया राष्ट्रपति कोविंद का पहला भाषण
(India)

देश के 14वें राष्ट्रपति के रूप में मंगलवार (25 जुलाई) को शपथ ग्रहण करने वाले राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) और भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) समर्थित देश के पहले राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद अपने पहले भाषण में ही संघ परिवार को पसंद आने वाले विचारकों का जिक्र करना नहीं भूले। राष्ट्रपति कोविंद अपने भाषण में देश की राजनीति के ऐसे दिग्गजों का जिक्र करने से साफ-साफ बचते दिखे, जिनका संबंध कांग्रेस से था और जिनका जिक्र किया भी, उन्हें कहीं न कहीं भगवा ताकतें पसंद करती हैं। कोविंद ने भारतीय जनसंघ के संस्थापक पंडित दीन दयाल उपाध्याय के एकात्म मानववाद का भी जिक्र किया। इसी मुद्दे को लेकर कांग्रेस ने राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद की आलोचना की है और उन पर अपने पहले ही भाषण में देश और गांधी का अपमान करने के आरोप लगाए हैं। वहीं कांग्रेस ने भाषण में देश के पहले प्रधानमंत्री जवाहरलाल नेहरू या किसी अन्य कांग्रेसी नेता का जिक्र नहीं करने पर भी राष्ट्रपति की आलोचना की है। इंडियन एक्सप्रेस से बातचीत में कांग्रेस नेता गुलाम नबी आजाद ने कहा, “पंडित दीन दयाल उपाध्याय की महात्मा गांधी से तुलना और जवाहरलाल नेहरू का जिक्र नहीं करना देश का अपमान है। यह महात्मा गांधी और अन्य स्वतंत्रा सेनानियों का भी अपमान है। यह बात भाषण में नहीं होनी चाहिए थी।” उन्होंने आगे कहा, “हमें उम्मीद थी कि वह अब देश के राष्ट्रपति हैं न कि बीजेपी के उम्मीदवार, राष्ट्रपति सबके होते हैं। मगर यह दुर्भाग्यपूर्ण है कि देश के पहले प्रधानमंत्री का जिक्र नहीं हुआ। नेहरू एक स्वतंत्रता सेनानी के पुत्र थे। उनकी बेटी और पोते ने देश के लिए जान दी। मोतीलाल नेहरू से लेकर राजीव गांधी तक, किसी का भी जिक्र नहीं किया गया। यह जानबूझकर किया गया।”

Digital Desk: Kamal

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