अतिरिक्त जिला न्यायाधीश सुरेंद्र एस राठी ने दोनों नेताओं की ओर से रखी गई बातों पर विचार किया और मामले का निस्तारण किया। भड़ाना की ओर से पैरवी कर रहे वकील सूरत सिंह ने कहा कि जब केजरीवाल की ओर से बयान वापस ले लिया गया है तो वह भी इस मामले को आगे नहीं बढ़ाना चाहते। कोर्ट में केजरीवाल की ओर से दायर हलफनामे में उन्होंने बयान वापस लेते हुए कहा कि भड़ाना के बारे में साथी ने गलत सूचना दी थी, जिसके कारण उन्होंने उनके खिलाफ बयानबाजी की। इसका उन्हें खेद है। साथ ही केजरीवाल यह भी कहा कि उनकी मंशा भड़ाना की छवि खराब करना नहीं था। उल्लेखनीय है कि केजरीवाल द्वारा आपत्तिजनक टिप्पणी करने पर भड़ाना ने उनके खिलाफ 2014 में मानहानि का मामला दर्ज कराया था।
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