आदित्य सचदेवा हत्याकांड गया शहर के रामपुर थाना क्षेत्र में 7 may 2016 को हुई थी, जिसमें कांड संख्या 130/16 के तहत केस दर्ज किया गया था। जिसमें भादवि की धारा 341,323,307,302,427/34एवं 27 आर्म्स एक्ट के तहत केस दर्ज किया गया है। आदित्य सचदेवा हत्याकांड की प्राथमिक मृतक के भाई आकाश सचदेवा के बयान पर दर्ज की गई थी कोर्ट में पेशी के पहले आरोपी रॉकी यादव को गया कोर्ट परिसर के हाजत में रखा गया है। जहां सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए हैं
वो 7 मई 2016 का ही दिन था, जब बोधगया से गया लौटने के क्रम में रोडरेज के दौरान छात्र आदित्य सचदेवा की गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। आदित्य के साथ उसके चार अन्य दोस्त भी कार में सवार थे। उसका कुसूर बस इतना था कि उसने मनोरमा देवी के पुत्र रॉकी यादव की गाड़ी को साइड नहीं दी थी। रॉकी यादव पर आदित्य सचदेवा की हत्या का आरोप लगा है। लैंड रोवर पर सवार रॉकी एवं उसकी विधान पार्षद मां मनोरमा देवी के बॉडीगार्ड राजेश कुमार ने उन्हें रोका और पहले मारपीट की। भागने के क्रम में पीछे से चली गोली आदित्य के सिर में लगी और उसकी मौत हो गई।
इस हत्याकांड में राकेश रंजन यादव उर्फ रॉकी एवं राजेश कुमार को नामजद अभियुक्त बनाया गया था। बाद में अनुसंधान के क्रम में मुख्य आरोपी रॉकी के पिता सह गया जिला परिषद के पूर्व अध्यक्ष बिंदेश्वरी प्रसाद उर्फ बिंदी यादव और उसके चचेरे भाई राजीव कुमार उर्फ टेनी यादव को भी आरोपी बनाया गया। इन चारों आरोपियों पर अदालत में ट्रायल चला। आदित्य के साथ गाड़ी में सवार उसके चारों दोस्तों ने घटना का समर्थन तो जरूर किया, परंतु आरोपी के पहचानने के बिंदु पर होस्टाईल हो गए। अदालत में गवाही के दौरान आरोपियों को पहचानने से इनकार कर दिया।
इस केस का ट्रायल पहले एडीजे-9 सुरेश प्रसाद मिश्रा की अदालत में शुरू हुआ। परंतु बाद में इसे एडीजे-वन सच्चिदानंद सिंह की अदालत में स्थानांतरित कर दिया गया। भारत सरकार के खेल मंत्रालय द्वारा रॉकी रिनाउंड शूटर घोषित है। राइफल्स एसोसिएशन के सदस्य की हैसियत से वह पांच हथियार रखने का अधिकारी है। रॉकी राजनैतिक पृष्ठभूमि वाले परिवार से है। रॉकी की मां मनोरमा देवी बिहार विधान परिषद की सदस्य हैं, तो पिता बिन्देश्वरी प्रसाद उर्फ बिंदी यादव गया जिप के अध्यक्ष रह चुके हैं।
आदित्य हत्याकांड पर गुरूवार का दिन सचदेवा परिवार के लिए काफी महत्वपूर्ण है। आदित्य के पिता श्याम सचदेवा का कहना है कि इस फैसले का इंतजार समाज और देश को है। कोर्ट के फैसले पर भरोसा और नई सुबह की उम्मीद के साथ पूरी आशा है कि हमें न्याय मिलेगा। मां चांंद सचदेवा को चश्मदीद रहे दोस्तों के गवाही में मुकरने का मलाल है, फिर भी बेटे की हत्या करने वालों को कड़ी सजा मिलने की पूरी उम्मीद जताती है। बताया कि दोस्तों के साथ क्या मजबूरी थी, कानून सब समझ रहा। न्याय के मंदिर से हमेशा रोशनी निकलने की बात कही।
घटना के सूचक, आदित्य के अन्य परिजन, पुलिस अधिकारी, एफएसएल के अधिकारियों व बैलेस्टिक विशेषज्ञ समेत कुल 30 लोगों ने अभियोजन पक्ष की ओर से गवाही दी। बैलेस्टिक विशेषज्ञ व एफएसएल टीम की गवाही को अहम माना जा रहा है। टीम ने समर्थन किया है कि रॉकी के पास मौजूद पिस्टल वाली बोर की गोली से ही आदित्य की जान गई है।
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