रामानुजाचार्य के 1000वीं जयंती समारोह में पहुंचे नीतीश
(India)
बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार बुधवार (4 अक्टूबर) को स्वामी रामानुजाचार्य की 1000वीं जयंती पर सूबे के आरा में धार्मिक महोत्सव में हिस्सा लेने पहुंचे। संघ प्रमुख मोहन भागवत भी धार्मिक महोत्सव में हिस्सा लेने पहुंचे। लेकिन दोनों एक वक्त पर मंच पर मौजूद नहीं रहे। दोनों अलग-अलग समय में महोत्सव में हिस्सा लेने पहुंचे। समारोह में हिस्सा लेने पहुंचे केंद्रीय मंत्री रविशंकर प्रसाद ने इस दौरान कहा, ‘मैं यहां एक मंत्री की हैसियत से नहीं आया हूं। बल्कि मैं यहां भगवान राम का वकील भी हूं।’ दूसरी तरफ आरजेडी उपाध्यक्ष शिवानंद ने सीएम नीतीश पर तंज कसते हुए कहा, ‘नीतीश ने चालाकी दिखाते हुए मोहन भागवत के साथ मंज साझा नहीं किया। लेकिन अब ये कैसे हो सकता है। जबकि नीतीश ने पूर्व में संघ मुक्त भारत का नारा दिया था लेकिन खुद भाजपा के साथ मिलकर अब संग के एजेंडे को आगे बढ़ा रहे हैं।’
इससे पहले बीते सोमवार को आरजेडी चीफ लालू यादव ने नीतीश के संघ मुक्त भारत अभियान पर निशाना साधते हुए कहा था कि मुंह में राम और दिमाग में नाथूराम, तभी तो बना पलटूराम। वहीं समारोह में पहुंचे सीएम ने कहा श्री रामानुजाचार्य जी महाराज ने 1000 साल पहले जो संदेश दिया था उनका यह संदेश 1000 साल बाद इतने लाखों लोगों तक पहुंचा। यह कोई साधारण बात नहीं है। श्री रामानुजाचार्य जी महाराज ने 1000 साल पहले जो अपनी भक्ति से अपने ज्ञान से अर्जुन गुरु शिष्य परंपरा शुरू हुई उसमें रामानुजाचार्य जी महाराज भी हुए और उसी शिष्य परंपरा में हुए सूरदास और कबीर दास जी। वहीं आरा पहुंचे संघ प्रमुख ने भी समारोह में राजनीतिक बातों से बचते नजर आए। दोनों के समारोह में पहुंचे का फासला करीब 75 मिनट का था। सीएम नीतीश जहां 2रू30 बजे समारोह में पहुंचे जबकि संघ प्रमुख 3रू45 बजे पहुंचे।

Digital Desk: Kamal

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