जीसस क्राइस्ट नहीं बल्कि राष्ट्रपति शी जिनपिंग करेंगे लोगों की रक्षा....
(DELHI, DELHI) चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग और उनकी कम्युनिस्ट पार्टी देश में काफी ताकतवर हैं। हाल ही में पार्टी के राष्ट्रीय सम्मेलन के बाद वह और ज्यादा ताकतवर हो गए हैं। इस सम्मेलन के बाद जिनपिंग का कद पार्टी के संस्थापक माओ और उनके उत्तराधिकारी डेंग शियाओपिंग के बराबर हो गया है। अब चीन में उन्‍हें जीसस क्राइस्‍ट से भी बड़ा नेता बताया जाने लगा है।
ऐसी खबरें आ रही हैं कि चीन के दक्षिण-पूर्व ईसाई धर्म के लोगों को कहा गया है कि अगर वे गरीबी से निजात के लिए सरकारी लाभ पाना चाहते हैं तो जीसस क्राइस्‍ट की तस्‍वीरें हटा लें और उनकी जगह राष्‍ट्रपति जिनपिंग की तस्‍वीरें लगाएं। युगान काउंटी में हजारों ईसाइयों से स्‍थानीय अधिकारियों ने कहा है कि जीसस क्राइस्‍ट नहीं उनकी गरीबी या बीमारियां दूर करेंगे बल्कि चीन की कम्‍युनिस्‍ट पार्टी यह करेगी। इसलिए उन्‍हें जीसस क्राइस्‍ट की तस्‍वीरें निकाल देनी चाहिए और राष्‍ट्रपति जिनपिंग की अच्‍छी सी तस्‍वीर लगा लेनी चाहिए।
साउथ चाइना मॉर्निंग पोस्‍ट के अनुसार चीन की सबसे बड़ी झील पोयांग के किनारे स्थित यह काउंटी अपनी गरीबी के साथ बड़ी संख्‍या में बसे ईसाई समुदाय के लिए जानी जाती है। इसकी 10 लाख आबादी की 11 फीसदी गरीबी रेखा के नीचे जीवन जीने को मजबूर है। जबकि इनमें करीब 10 फीसदी ईसाई हैं। कि ग्रामीणों ने स्‍वेच्‍छापूर्वक ईसाई धर्म से जुड़े 624 तस्‍वीरें हटा ली हैं और उनकी जगह राष्‍ट्रपति जिनपिंग की तस्‍वीरें लगा दी हैं। हालांकि अभी भी बेहद छोटे स्‍तर पर यह बदलाव हुआ है।

Author: JAN TV Editorial Team

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