कपिल सिब्बल के अयोध्या विवाद को 2019 तक टालने की बात पर भड़के रविशंकर
(DELHI, DELHI) सुप्रीम कोर्ट में मंगलवार को अयोध्या विवाद पर सुनवाई की गई। सुप्रीम कोर्ट ने इस मामले की सुनवाई 8 फरवरी 2018 तक टाल दी है। इलाहाबाद हाईकोर्ट के साल 2010 के फैसले के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट में याचिका लगाई गई थी, जिस पर सुनवाई हुई है। सुन्नी वक्फ बोर्ड की ओर से कपिल सिब्बल ने पैरवी की। कपिल सिब्बल ने सुप्रीम कोर्ट में मांग की कि इस मामले की सुनवाई साल 2019 के लोकसभा चुनाव के बाद की जाए। सिब्बल का कहना था कि अभी इसके लिए माहौल सही नहीं है। हालांकि, कोर्ट ने उनकी दलील नहीं मानी।

कपिल सिब्बल के बयान पर भारतीय जनता पार्टी ने पलटवार किया है। बुधवार को केंद्रीय मंत्री रविशंकर प्रसाद ने सिब्बल पर निशाना साधते हुए कहा, 'एक वकील के नाते कपिल सिब्बल किसी भी मुद्दे पर बहस कर सकते हैं, लेकिन उन्हें यह नहीं भूलना चाहिए कि वह पहले कानून मंत्री भी रह चुके हैं। 'मामले की सुनवाई साल 2019 के बाद होनी चाहिए' यह कहने के पीछे उनका क्या मतलब है। यह गलत और गैर जिम्मेदाराना है।' साथ ही उन्होंने कहा, 'मैं राहुल गांधी और सोनिया गांधी से पूछना चाहता हूं कि राम जन्मभूमि मामले की जल्द से जल्द सुनवाई पर उनकी पार्टी का क्या कहना है।

प्रसाद के अलावा भारतीय जनता पार्टी के प्रवक्ता संबित पात्रा ने कहा, 'सुन्नी वक्फ बोर्ड के हाजी महबूब ने कहा है कि मंगलवार को सुप्रीम कोर्ट में कपिल सिब्बल का बयान उनके व्यक्तिगत विचार थे। वे एक राजनेता के तौर पर बोल रहे थे।' सुन्नी वक्फ बोर्ड के हाजी महबूब ने कहा, 'हां, कपिल सिब्बल हमारे वकील हैं, लेकिन वे एक राजनीतिक पार्टी से भी जुड़े हुए हैं। सुप्रीम कोर्ट में मंगलवार को दिया गया उनका बयान गलत था। हम लोग इस विवाद का समाधान जल्द से जल्द चाहते हैं।

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