इससे पहले रुझानों में पहले भाजपा को बहुमत मिली थी फिर कांग्रेस ने भाजपा को पीछे छोड़ बहुमत को पार किया। लेकिन फिर वापसी करते हुए भाजपा को बहुमत मिला और फिलहाल वो शतक पार कर चुकी है। जबकि कांग्रेस 75 से भी नीचे आ गई है।
गुजरात विधानसभा चुनाव के नतीजे सिर्फ राज्य तक सीमित नहीं है। इसके परिणाम का असर अगले लोकसभा चुनाव और उससे पहले करीब एक दर्जन राज्यों में होने वाले विधानसभा चुनाव पर पड़ेगा। इसलिए कांग्रेस और भाजपा दोनों ने गुजरात चुनाव जीतने के लिए अपनी पूरी ताकत झोंक दी है।
कांग्रेस गुजरात में पहले दिन से ही जातिगत समीकरणों को अपने पक्ष में करने में जुटी है। चुनाव परिणाम यह साबित करेंगे कि पार्टीदार नेता हार्दिक पटेल ओबीसी नेता अल्पेश ठाकोर और दलित नेता जिग्नेश मेवाणी पर कांग्रेस का भरोसा कितना कारगर साबित हुआ। क्या जाति धर्म पर भारी पड़ी है।
गुजरात में पिछले 22 वर्षों से सत्ता संभाल रही भाजपा एक बार फिर सरकार बनाती है तो यह भाजपा के लिए बड़ी उपलब्धि होगी। इस जीत से भाजपा के लिए मध्य प्रदेश छत्तीसगढ़ कर्नाटक और दूसरे राज्यों में जीत की संभावना बढ़ जाएगी। वर्ष 2019 के चुनाव पर भी इस जीत का असर नजर आएगा।
हिमाचल प्रदेश में हर पांच वर्ष में सत्ता बदलती रही है। गुजरात की तरह कांग्रेस हिमाचल के एग्जिट पोल के नतीजों पर भी गलत करार दे रही है। पर भाजपा को अपनी जीत का पूरा भरोसा है।
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