TDP को NDA से अलग होने की नहीं जल्दबाजी, बजट के लिए केन्द्र पर बनाती रहेगी दबाव
(DELHI, DELHI) एनडीए सरकार की अहम सहयोगी पार्टी टीडीपी फौरन गठबंधन से अलग नहीं होगी। टीडीपी नेता और केन्द्रीय मंत्री वाई एस चौधरी ने रविवार को पार्टी संसदीय बोर्ड की बैठक बाद कहा कि उनकी पार्टी बजट में आध्र प्रदेश को फंड देने में विफल रही और वे इन बातों को संसद के बाहर और अंदर उठाते रहेंगे। अमरावती में तेलुगु देशम पार्टी की संसदीय बोर्ड की बैठक बुलाई गई थी जिसमें यह फैसला लेना था कि भाजपा की अगुवाई वाले एनडीए के साथ गठबंधन में आगे चलना है या नहीं।
दक्षिण भारत में भारतीय जनता पार्टी की सबसे बड़ी सहयोगी इस बात से नाराज है कि 1 फरवरी को पेश किए गए आम बजट में उसकी उपेक्षा की गई। वाई एस चौधरी ने बताया- राज्य के कई मुद्दे इस वक्त केन्द्र के सामने पड़े है। सबसे पहले हम केन्द्र से बात करेंगे की वह उन्हें सुलझाए। अगर उसमें भी केन्द्र की कोई सकारात्मक प्रतिक्रिया नहीं मिलती है तो हमारे पार्टी के अध्यक्ष सही फैसला करेंगे। तब तक हम देखेंगे और इंतज़ार करेंगे।
गौरतलब है कि टीडीपी अध्यक्ष और आन्ध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री एन चंद्रबाबू नायडू ने अपनी पार्टी के वरिष्ठ नेताओं के साथ अगले कदम को लेकर लंबी बैठक की थी। चौधरी ने बताया कि बैठक के दौरान बजट और आन्ध्र को उसमें आवंटन नहीं करने के बारे में चर्चा की गई।
हालांकि बैठक से पहले टीडीपी के सांसद केसिनिएनी श्रीनिवास ने बताया- “नायडू के साथ उनकी लंबी बातचीत होगी। उन्होंने कहा- हम राज्य के विकास और लोगों के कल्याण में ज्यादा रुचि रखते हैं और जो भी सरकार वादा करती है उन्हें पूरा किया जाना चाहिए।”

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