मोदी ने कांग्रेस के वरिष्ठ नेता एवं पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह के प्रभाव वाले राजगढ़ जिले के मोहनखेड़ा में चार हजार करोड़ रूपयों की लागत वाली मोहनपुरा सिंचाई परियोजना के लोकार्पण समारोह को संबोधित किया। इस मौके पर राज्यपाल आनंदीबेन पटेल, मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष राकेश सिंह और राज्य के जल संसाधन मंत्री नरोत्तम मिश्रा समेत अनेक जनप्रतिनिधि मौजूद थे।
मोदी ने कहा कि पहले इस राज्य की गिनती बीमारू राज्य की श्रेणी में होती थी। लेकिन तत्कालीन कांग्रेस सरकार के नेताओं को इससे कोई फर्क नहीं पड़ता था। उन्होंने बीमारू राज्य का तमगा हटाने के लिए कोई कार्य नहीं किए, उल्टे ये नेता अपनी जय जयकार कराने में जुटे रहे। लेकिन डेढ़ दशक पहले राज्य में सत्ता में आयी भाजपा ने विकास के कार्य शुरू किए और अब इस राज्य का विकास स्वयं ही बोलने लगा है।
प्रधानमंत्री ने कहा कि कांग्रेस के समय राज्य की सिंचाई क्षमता साढ़े सात लाख हेक्टेयर क्षेत्र थी जो अब बढ़कर चालीस लाख हेक्टेयर क्षेत्र हो गई। सरकार ने इसे अगले सालों में बढ़ाकर दोगुना करने का लक्ष्य रखा है। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार चाहती है कि इस लक्ष्य से और आगे बढ़कर कार्य किया जाए और केंद्र सरकार राज्य के साथ कंधे से कंधा मिलाकर साथ चलेगी।
दरअसल राज्य में इस साल के अंत में विधानसभा चुनाव होने वाले हैं। मुख्य विपक्षी दल कांग्रेस वर्ष 2003 से सत्ता से बाहर है और नए प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष कमलनाथ की अगुवाई में कांग्रेस फिर से सत्ता में काबिज होने के लिए पूरी कोशिश कर रही है। वहीं लगातार तीन विधानसभा चुनाव जीतने वाली भाजपा चौथा विधानसभा चुनाव भी लगातार जीतकर एक इतिहास रचना चाहती है। इसके लिए भाजपा मुख्य रूप से साल 1993 से 2003 के दिग्विजय सिंह शासनकाल और दिसंबर 2003 से 2018 तक के भाजपा शासनकाल के कार्यों की तुलना कर रही है।
भाजपा का केंद्रीय नेतृत्व भी मध्यप्रदेश और इसके पड़ोसी राज्य छत्तीसगढ़ में आगामी विधानसभा चुनाव में किसी भी कीमत पर विजय बनाने की ठोस रणनीति पर अमल में जुटी हुई है।
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