कांग्रेस की नजर उत्तर प्रदेश, बिहार, महाराष्ट्र और तमिलनाडु पर है। इन चारों राज्यों में लोकसभा की 207 सीट हैं। इनमें से भाजपा सहयोगी दल और एआईडीएमके के पास 186 सीट हैं। एआईडीएमके सरकार का हिस्सा नहीं है पर भाजपा के प्रति उसका रुख नरम है। पार्टी मानती है कि 2019 में जीत के लिए इन प्रदेशों में भाजपा और सहयोगियों को हराना जरूरी है।
पार्टी के एक वरिष्ठ नेता ने कहा इन चारों राज्यों में कांग्रेस दूसरे विपक्षी दलों के साथ मिलकर मजबूत गठबंधन बनाएगी। ताकि भाजपा और उसके सहयोगी दलों को कड़ी चुनौती दी जा सके। उत्तर प्रदेश में सपा-बसपा, महाराष्ट्र में एनसीपी, बिहार में आरजेडी और तमिलनाडु में डीएमके के साथ मिलकर भाजपा और सहयोगियों को कम सीट पर रोका जा सकता है।
इन चारों राज्यों में विपक्षी गठबंधन जितनी सीट पर जीत दर्ज करेगा वह एनडीए को बहुमत के आंकड़े से उतनी दूर ले जाएगा। क्योंकि इन सभी राज्यों में भाजपा और सहयोगी दल अपने चरम पर हैं। कांग्रेस के एक वरिष्ठ नेता ने कहा कि भाजपा भी इस गणित को समझती है। इसलिए प्रधानमंत्री सहित भाजपा के तमाम बड़े नेता उत्तर प्रदेश-बिहार के चक्कर लगा रहे हैं। यूपी बिहार महाराष्ट्र और तमिलनाडु में सहयोगी दलों से गठबंधन के साथ पार्टी उन राज्यों पर भी ध्यान केंद्रित कर रही है जहां भाजपा से उसका सीधा मुकाबला है।
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