असम नागरिकता विवाद पर जोरदार हंगामे के बाद राज्यसभा गुरूवार तक स्थगित
(ASSAM, India) बीजेपी अध्यक्ष अमित शाह की तरफ से राज्यसभा में कांग्रेस पर असम में अवैध रूप से रह रहे प्रवासियों को लेकर हिम्मत ना दिखाने का आरोप लगाने के एक दिन बाद बुधवार को सदन का काम काम शुरू हो गया। हालांकि लोकसभा ने सिटीजन अमेंडमेंट बिल पर संयुक्त संसदीय समिति को रिपोर्ट जमा करने की तारीख बढ़ा दी।

मानसून सत्र के दौरान बुधवार को एक बार फिर से भारी हंगामे के चलते पहले राज्यसभा को दोपहर 12 बजे तक के लिए स्थगित किया गया और उसके बाद दोपहर करीब सवा दो बजे गुरूवार तक के लिए स्थगित कर दिया गया।

मंगलवार को जारी दूसरे और अंतिम असम के राष्ट्रीय नागरिक रजिस्टर मसौदे को लेकर राज्यसभा में सभापति एम. वेंकैया नायडू ने जैसे ही बीजेपी अध्यक्ष अमित शाह से कहा कि वो अपने कल के एनआरसी असम को लेकर दिए गए बयान को पूरा करें उसके बाद उच्च सदन में भारी हंगामा होने लगा। जिसके बाद राज्यसभा को स्थगित कर दिया गया।


इससे पहले वेंकैया नायडू ने कहा कि वे इस बात को लेकर काफी नाराश थे जब मंगलवार को कुछ सदस्यों ने बड़े ही डरावनेपूर्ण ढंग से सदन के अंदर इधर-उधर भाग रहे थे। उन्होंने कहा कि मैं ऐसी उम्मीद करता हूं कि ऐसा दोबारा नहीं होगा। नायडू ने कहा कि वो इसके लिए किसी का नाम तो नहीं लेना चाहेंगे लेकिन सदन शांतिपूर्ण चलते रहना चाहिए।उधर इससे पहले टीडीपी सांसद ने आंध्र को विशेष राज्य का दर्जा देने की मांग को लेकर संसद भवन परिसर में विरोध प्रदर्शन किया।

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