आपको बता दें कि अरुण जेटली दिल्ली के एम्स में किडनी का प्रत्यर्पण हुआ जिसके बाद वे कुछ दिन आराम के बाद फिर से मंत्रालय का जिम्मेदारी संभाल रहे हैं। अरुण जेटली को 12 मई को एम्स में भर्ती कराया गया था। वहां वे लगभग एक महीने से डायलिसिस पर थे। 14 मई को उनका किडनी ट्रांसप्लांट किया गया था, जिसके बाद से वे डॉक्टरों की निगरानी में थे।
सितंबर 2014 में जेटली ने वजन बढ़ने की वजह से बेरिएट्रिक सर्जरी कराई थी। डायबिटीज से ग्रसित होने के कारण उनका वजन बढ़ रहा था। इसके निदान के लिए ही उनकी बैरिएट्रिक सर्जरी हुई थी। इससे पहले उन्होंने मैक्स हॉस्पिटल में सर्जरी कराई थी लेकिन बाद में उन्हें एम्स में ट्रांसफर कर दिया गया।
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