कांग्रेस अध्यक्ष ने कहा कि हम देश को बचाने के लिए साथ आ रहे हैं। हमें पहले के समय को भूलना होगा और सभी विपक्षी दलों को एक साथ आना होगा। राहुल गांधी और नायडू की इस मुलाकात में टीडीपी सांसद जयदेव गल्ला, सीएम रमेश और अन्य नेता भी मौजूद थे।
इससे पहले, विपक्षी नेताओं शरद पवार और फारुख अब्दुल्ला के साथ प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित करते हुए आरोप लगाया कि लोकतंत्र खतरे में है। इसके साथ ही, नायडू ने बीजेपी के खिलाफ विपक्षी विपक्षी एकता को मजूत करने की अपील की।
राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (एनसीपी) अध्यक्ष शरद पवार और नेशनल कॉन्फ्रेंस (एनसी) अध्यक्ष फारुख अब्दुल्ला के साथ बैठक के बाद नायडू ने कहा- “हमने राष्ट्र के भविष्य को सुरक्षित रखने के लिए दिल्ली में मिलने का फैसला किया है।”
नायडू की एक हफ्ते से भी कम वक्त में यह दूसरा राष्ट्रीय राजधानी का दौरा है। इससे पहले 27 अक्टूबर को दिल्ली में रहकर विपक्षी दलों के कई नेताओं जैसे दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल, बहुजन समाज पार्टी सुप्रीम मायावती के साथ मुलाकात की। वे पूर्व केन्द्रीय मंत्री यशवंत सिन्हा से भी मिले।
कभी भाजपा के सहयोगी रहे नायडू ने आंध्रप्रदेश को विशेष राज्य का दर्जा नहीं दिए जाने से नाराज होकर इस साल की शुरूआत में राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (राजग) का साथ छोड़ दिया था।
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