कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और हरियाणा के पूर्व मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा ने कहा कि लोकसभा चुनावों के साथ विधानसभा चुनाव होते हैं तो हम इसके लिए तैयार हैं। समय पूर्व चुनाव के विरोध की संभावना को वह नकारते हैं। मोटे तौर पर हुड्डा का मानना है कि तीन राज्यों में जीत के बाद स्थितियां कांग्रेस के अनुकूल बनी हुई हैं। यदि लोकसभा के साथ इन तीन राज्यों में चुनाव होते हैं तो इसका फायदा कांग्रेस को मिलेगा।
लोकसभा चुनावों के साथ ओडिशा, आंध्र प्रदेश, सिक्किम, अरुणाचल प्रदेश और तेलंगाना के चुनाव होते हैं। तेलंगाना में समय पूर्व चुनाव हो चुके हैं। तीन राज्यों में अक्टूबर से दिसंबर के बीच चुनाव होने हैं। इसलिए इन चुनावों को भी लोकसभा के साथ कराने की अटकलें कुछ समय पहले तक चल रही थी। इसके पीछे दो तर्क थे। एक भाजपा अपना राजनीतिक नफा-नुकसान जोड़ रही थी, दूसरे एक राष्ट्र एक चुनाव की योजना को मजबूत बनाने की दिशा में भी यह कदम माना जा रहा था। लेकिन तीन राज्यों के नतीजों के बाद यह सुगबुगाहट अचानक कमजोर पड़ गई है।
दरअसल, चुनावी हारजीत में समय और संदेश भी अहम होता है। संदेश से कांग्रेस उत्साहित है, वक्त ज्यादा नहीं बचा है। इसलिए कांग्रेस मौजूदा परिस्थितियों को अपने हक में देख रही है। हुड्डा कहते हैं कि नतीजे दूसरे चुनावों के लिए जनमानस को प्रभावित करते हैं। पिछले लोकसभा चुनाव में भारी हार के बाद कांग्रेस हरियाणा और महाराष्ट्र में भी हार गई थी। ऐसा इसलिए हुआ क्योंकि एक हार का असर दूसरी हार पर पड़ा।
Digital Desk: Administrator
DISCLAIMER: इस वेबसाइट पर दी गई जानकारी केवल सामान्य एवं शैक्षणिक उद्देश्यों के लिए है। हमने जानकारी को सटीक रखने का प्रयास किया है, लेकिन इसकी पूर्णता या विश्वसनीयता की गारंटी नहीं दी जाती। तृतीय-पक्ष वेबसाइटों या स्रोतों की सामग्री पर हमारा नियंत्रण नहीं है। इस जानकारी के आधार पर लिया गया कोई भी निर्णय आपके अपने विवेक और जोखिम पर होगा।