स्वतंत्र चुनाव आयोग के उप प्रवक्ता अब्दुल अजीज इब्राहिमी ने बताया कि मतदाता सूची की जांच और पुष्टि तथा धोखाधड़ी कम करने के उद्देश्य से बनाई गई बायोमेट्रिक पहचान प्रणाली का प्रशिक्षण कर्मचारियों को देने के लिए समय की जरूरत है। संसदीय चुनाव में कई तरह की समस्याओं और विलंब का सामना करना पड़ा था क्योंकि बायोमेट्रिक तकनीक के लिए जिन कर्मचारियों को प्रशिक्षित किया गया था, उनमें से कुछ पोलिंग बूथ पर नहीं आए थे और अनगिनत पंजीकृत मतदाताओं का नाम मतदातासूची पत्र में ही नहीं था। वहीं परिणाम को भी चुनौती देते हुए कई कानूनी शिकायतें दर्ज हुई थी। राष्ट्रपति चुनाव के लिए अभी नई तारीख तय नहीं हुई है। पिछला राष्ट्रपति चुनाव 2014 में आयोजित किया गया था। इसमें भी धोखाधड़ी और धांधली के आरोप लगे थे।
Author: JAN TV Editorial Team
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