आज दुनिया इस सच्चाई को जानती है कि टीएमसी की सरकार उन परियोजनाओं को हाथ ही नहीं लगाती जिनमें सिंडिकेट का शेयर ना हो और जहां मलाई ना मिलती हो।
यहां जगाई-मथाई, सिंडिकेट और ट्रिपल T कल्चर को चुनौती देने वाला कोई नहीं था, इसलिए पश्चिम बंगाल की परंपरा और महान संस्कृति से खिलवाड़ करने की इनको छूट मिल गई। लेकिन अब ऐसा नहीं होगा क्योंकि भाजपा सामान्य जन की, किसानों की, गरीबों की और बेटियों की आवाज बनकर खड़ी है।
जो लोग 4 साल पहले तक एक दूसरे का मुंह नहीं देखते थे वो कोलकाता में चौकीदार को हटाने के लिए शपथ ले रहें थे। घोटालों और धोखाधड़ी में लिप्त इन लोगों को चौकीदार पसंद नहीं है।
10 साल पहले कांग्रेस सरकार ने दावा किया था कि उसने किसानों का 52,000 करोड़ रुपए का कर्जमाफ किया। इतने पैसे से हम भी कर्ज़माफी का शोर मचा सकते थे, लेकिन हमारी नीयत साफ है जिसका परिणाम किसान हित में आई ये परमानेंट योजना है।
प्रदेश भाजपा अध्यक्ष दिलीप घोष का कहना है कि एक ही दिन मोदी व राजनाथ सिंह की चार-चार रैलियों से साफ है कि पार्टी का केंद्रीय नेतृत्व इस बार बंगाल को कितनी अहमियत दे रहा है। सूत्रों ने बताया कि मोदी की ठाकुर नगर की रैली इलाके में राजनीति पर जबरदस्त पकड़ रखने वाले मतुआ समुदाय के एक गुट ने आयोजित की है।
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