तीन पीढ़ियों से कांग्रेस से रिश्ता रखने वाले पूर्व केंद्रीय मंत्री जितिन प्रसाद का बीजेपी में जाना मुख्य विपक्षी पार्टी के लिए उत्तर प्रदेश में बड़ा झटका है. यूपी में कुछ महीने बाद ही विधानसभा चुनाव होना है और बीजेपी को एक बड़े और भरोसेमंद ब्राह्मण नेता की तलाश थी. शायद अब बीजेपी की तलाश पूरी हो गई है. जितिन प्रसाद एक युवा ब्राह्मण नेता माने जाते हैं. बीजेपी को उम्मीद है कि जितिन प्रसाद की बदौलत सूबे में ब्राह्मणों की कथित नाराजगी दूर करने में कामयाबी हासिल हो सकती है.
बीजेपी के लिए अहम ब्राह्मण वोट बैंक
यूपी चुनाव में जाति समीकरण काफी अहम होता है. बीजेपी को अगर मिशन 2022 में कामयाब होना है तो वह ब्राह्मणों को अनदेखा नहीं कर सकती. यूपी में करीब 10 से 11 फीसदी ब्राह्मण है. साल 2017 में बीजेपी के कुल 312 विधायकों में 58 ब्राह्मण चुने गए थे. इनमें 9 ब्राह्मण विधायक मंत्री बनाए गए. ब्राह्मण समाज से आने वाले दिनेश शर्मा उपमुख्यमंत्री बनाए गए. श्रीकांत शर्मा, बृजेश पाठक, उपेंद्र तिवारी, नीलकंठ तिवारी और सतीश द्विवेदी मंत्री बने थे.
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