विभिन्न प्रकार के अपराधों में उल्लेखनीय कमी आई। डेढ़ सौ से ज्यादा अपराधी मुठभेड़ में मारे गए और साढ़े तीन हजार से ज्यादा अपराधी घायल हुए। पूर्ववर्ती सरकारों पर हमला बोलते हुए सीएम ने बसपा और सपा के कार्यकाल में हुए दंगों के आंकड़े पेश किए और कहा कि 2017 से पहले प्रदेश अराजकता का शिकार था। पुलिस का इस्तेमाल व्यक्तिगत स्वार्थों की पूर्ति के लिए किया जाता था।
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