(India)
यूक्रेन पर हमले के लिए रूस के खिलाफ संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद (UNSC) में लाए गए निंदा प्रस्ताव पर मतदान से भारत दूर रहा। इसकी कुछ हलकों में आलोचना भी हो रही है, लेकिन अतीत को खंगालने पर स्पष्ट हो जाता है कि भारत का यह कदम बहुत सोचा-समझा और सराहनीय है। रूस का भारत के साथ कंधे से कंधा मिलाकर खड़ा रहने का सिलसिला 1957 से चला आ रहा है। छह मौके आए जब रूस ने भारत के खिलाफ लाए गए प्रस्तावों को अपने विटो पावर से रोक दिया।
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