(India)
हजारों स्टूडेंट्स अभी भी वॉर जोन में फंसे हुए हैं। जो स्टूडेंट्स अपने वतन लौट आए, उनका जीवन तो सुरक्षित हो गया, लेकिन भविष्य अधर में है। सबके मन में एक ही सवाल है-क्या यूक्रेन में कभी परिस्थितियां सामान्य हो पाएंगी और वे लौटकर अपनी MBBS पूरी कर पाएंगे? विदेश में MBBS करने वही जाते हैं, जिनकी कमजोर रैंक होती है और भारत के मेडिकल कॉलेजों में पढ़ने के लायक नहीं होते।
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