चिंतन शिविर के बाद क्यों चिंता बढ़ा रहे अशोक गहलोत के विधायक, सचिन पायलट का क्या रोल
(India) राजस्थान में राज्यसभा चुनाव से पहले कांग्रेस के विधायकों ने गहलोत सरकार के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। यूथ कांग्रेस कांग्रेस के अध्यक्ष गणेश घोघरा के बाद खेलमंत्री अशोक चांदना ने बगावती तेवर दिखाए हैं। कांग्रेस के उदयपुर चिंतन शिविर में युवाओं को कांग्रेस पार्टी में आगे लाने के लिए 50% पद देने का फार्मूला लेकर आई थी, लेकिन यह फार्मूला प्रदेश के युवा विधायकों की नाराजगी के चलते गहलोत सरकार में फेल होता दिखाई दे रहा है। सचिन पायलट के बाद राजस्थान के ज्यादातर युवा विधायक नाराज हैं। पहले गणेश घोघरा, रामलाल मीना, दिव्या मदेरणा, गिर्राज सिंह मलिंगा के बाद अब खेलमंत्री अशोक चांदना ने गहलोत सरकार के खिलाफ मोर्चा खोला है।

अशोक गहलोत की कार्यशैली पर सबसे पहले सचिन पायलट ने ही सवाल खड़े किए थे। पायलट को राजस्थान के युवा कांग्रेसियों का प्रतिनिधि माना जाता है। पायलट की गहलोत सरकार के कामकाज से नाराजगी और उनके साथ खड़े कई युवा विधायक युवा नेता ही हैं। अगर उस संख्या को जोड़ दिया जाए तो नाराज युवा विधायकों की संख्या कहीं ज्यादा है। कांग्रेस के चिंतन शिविर में राजस्थान के पूर्व डिप्टी सीएम सचिन पायलट ने युवाओं को सत्ता और संगठन में 50 प्रतिशत भागीदारी देने का फार्मूला रखा था। जिससे कांग्रेस आलाकमान ने स्वीकृति भी दे दी थी। लेकिन नौकरशाही के रवैये से नाराज होकर इस्तीफा देने की धमकी दे रहे हैं।

Digital Desk: Administrator

DISCLAIMER: इस वेबसाइट पर दी गई जानकारी केवल सामान्य एवं शैक्षणिक उद्देश्यों के लिए है। हमने जानकारी को सटीक रखने का प्रयास किया है, लेकिन इसकी पूर्णता या विश्वसनीयता की गारंटी नहीं दी जाती। तृतीय-पक्ष वेबसाइटों या स्रोतों की सामग्री पर हमारा नियंत्रण नहीं है। इस जानकारी के आधार पर लिया गया कोई भी निर्णय आपके अपने विवेक और जोखिम पर होगा।