राज्यसभा चुनाव: राजस्थान में गहलोत का चलेगा जादू या पायलट भरेंगे उड़ान, जानिए क्या चल रही है सियासी गणित
(India) राजस्थान राज्यसभा चुनाव को लेकर कांग्रेस ने नामों का ऐलान नहीं किया है। गहलोत और पायलट गुट के बीच नामों पर आम सहमति नहीं पा रही है। पायलट अपने किसी एक समर्थक के लिए राज्यसभा का टिकट चाहते हैं। जबकि सीएम गहलोत किसी आदिवासी, ओबीसी या फिर अल्पसंख्यक पर दांव खेलना चाहते हैं। कांग्रेस पार्टी में चर्चा है कि 2 सीटों पर बाहरी उम्मीदवार होंगे। जबकि एक सीट पर स्थानीय नेता को उम्मीदवार बनाया जाएगा। गहलोत और पायलट के बीच चल रही खींचतान की वजह से कांग्रेस आलाकमान को नाम फाइनल करने में कड़ी मशक्कत करनी पड़ रही है। राज्यसभा चुनाव के लिए नाम दाखिल करने की 31 मई अंतिम तिथि है। जबकि 10 जून को मतदान होगा। पायलट को बाहरी नामों पर एतराज नहीं है।

पायलट चाहते हैं उनके समर्थक को दिया जाए राज्यसभा टिकट

पायलट चाहते हैं कि जैसे गहलोत कैबिनेट में उनके समर्थक विधायकों को शामिल किया था। वैसे ही किसी एक समर्थक को राज्यसभा भेजा जाए। हालांकि, अंतिम फैसला कांग्रेस आलाकमान को करना है। राजस्थान में 4 में से 3 सीटें कांग्रेस की झोली में आती हुई दिखाई दे रही है। माना जा रहा है कांग्रेस पार्टी आज या फिर सोमवार को राज्यसभा उम्मीदवारों के नामों का ऐलान करेगी।

3 सीट जीतने के लिए कांग्रेस को 123 विधायकों का चाहिए समर्थन

राजस्थान विधानसभा में मौजूदा संख्या बल कांग्रेस के पक्ष में है। ऐसे में कांग्रेस 2 सीटें आसानी से जीत जाएगी। जबकि एक सीट बीजेपी के खाते में जाना तय है। संघर्ष तीसरी सीट के लिए होगा। संभावना है कि बीजेपी दो प्रत्याशी खड़ा करेगी। ऐसे में तीसरी सीट के लिए रोचक मुकाबला होना तय माना जा रहा है। राज्यसभा की तीन सीट जीतने के लिए कांग्रेस को 123 विधायकों की जरूरत पड़ेगी। कांग्रेस के पास 108 विधायक, भाजपा के पास 71, निर्दलीय 13, आरएलपी 3, बीटीपी 2, माकपा 2 और आरएलडी के पास एक विधायक है। संभावना है कि मौजूगा संख्या बल के हिसाब से कांग्रेस 4 में 3 राज्यसभा की सीट आसानी से जीत जाएगी। 13 निर्दलीय विधायकों ने हाल ही में गहलोत से मुलाकात कर समर्थन देने का भरोसा दिया है। माकपा के दो विधायक भी कांग्रेस को समर्थन दे सकते हैं। हाल ही में ऐसे संकेत पार्टी के वरिष्ठ नेता प्रकाश करात ने दिए थे। आरएलडी विधायक का कांग्रेस को समर्थन मिलना तय माना जा रहा है। आरएलडी विधायक मंत्री सुभाष गर्ग गहलोत समर्थक माने जाते हैं। बीटीपी के दो विधायकों का भी कांग्रेस को समर्थन मिलने के पूरे आसार हैं। आखिरी क्षण में सियासी उठापटक नहीं हुई तो कांग्रेस राज्यसभा की 3 सीटें आसानी से जीत जाएगी।

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