गौरतलब है कि राजस्थान कांग्रेस का संकट पार्टी अध्यक्ष पद के लिए चुनाव के साथ ही शुरू हुआ था। उस वक्त राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत का अध्यक्ष पद का चुनाव लड़ना तय माना जा रहा था। तब राजस्थान में सचिन पायलट को मुख्यमंत्री नियुक्त किए जाने की बात सामने आई थी। हाईकमान से इस आशय का प्रस्ताव लेकर पार्टी ऑब्जर्वर मल्लिकार्जुन खड़गे और अजय माकन जयपुर पहुंचे थे। लेकिन गहलोत समर्थक विधायकों के बागी रुख के चलते यह मीटिंग अपने मुकाम पर नहीं पहुंच सका। बाद में तमाम सियासी ड्रामे के बाद गहलोत अध्यक्ष पद की रेस से हट गए, हालांकि उनकी सीएम की कुर्सी बरकरार रही। तब सोनिया से उन्होंने माफी भी मांगी थी। माना जा रहा था कि अध्यक्ष पद का चुनाव खत्म होने के बाद कांग्रेस राजस्थान संकट को हल करेगी।
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