गुरुगुवार को सरकार ने सुप्रीम कोर्ट में एसएलपी दायर की। सरकार ने ओबीसी के आरक्षण के लिए बने आयोग की रिपोर्ट आने के बाद ही चुनाव की मंजूरी देने का आग्रह किया है। एसएलपी में कहा गया है कि आयोग का गठन कर दिया गया है। आरक्षण की
प्रक्रिया पूरी करने के बाद चुनाव कराया जाएगा। अदालत ने सुनवाई के लिए दो जनवरी की तारीख तय कर दी है। ओबीसी का
आरक्षण बिना ट्रिपल टेस्ट कराए ही निर्धारित करने के कारण हाईकोर्ट ने बिना ओबीसी आरक्षण ही निकाय चुनाव कराने का आदेश यूपी सरकार को दिया है।
हाईकोर्ट की लखनऊ बेंच ने राज्य सरकार को निकाय चुनावों के लिए जारी 5 दिसम्बर 2022 के ड्राफ्ट नोटिफिकेशन को रद्द कर
दिया है। इस ड्राफ्ट नोटिफिकेशन के जरिए सरकार ने एससी, एसटी व ओबीसी के लिए आरक्षण प्रस्तावित किया था। न्यायालय ने अपने 87 पेज के निर्णय में यह भी कहा कि सर्वोच्च न्यायालय द्वारा निर्देशित ट्रिपल टेस्ट के बगैर ओबीसी आरक्षण नहीं लागू किया
जाएगा। कोर्ट ने एससी/एसटी वर्ग को छोड़कर बाकी सभी सीटों को सामान्य सीटों के तौर पर अधिसूचित करने का भी आदेश दिया है। हालांकि न्यायालय ने यह भी स्पष्ट किया है कि महिला आरक्षण संवैधानिक प्रावधानों के अनुसार दिए जाए।
न्यायालय ने सरकार को निकाय चुनावों की अधिसूचना तत्काल जारी करने का आदेश दिया है। यह भी टिप्पणी की है कि यह संवैधानिक अधिदेश है कि वर्तमान निकायों के कार्यकाल समाप्त होने तक चुनाव करा लिए जाएं।
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