इस क्लोजिंग सेरेमनी के दौरान शेर-ए-कश्मीर क्रिकेट स्टेडियम की रैली में राहुल गांधी ने कहा, 'मैं अब जम्मू-कश्मीर के लोगों से और सेना-सुरक्षा बलों से कुछ कहना चाहता हूं। देखिए मैं हिंसा को समझता हूं। मैंने हिंसा सही है, देखी है। जो हिंसा नहीं सहता है, जिसने हिंसा नहीं देखी है, उसे यह बात समझ नहीं आएगी।
उन्होंने कहा,मेरे परिवार ने, गांधीजी ने मुझे सिखाया है कि अगर जीना है तो डरे बिना जीना है, नहीं तो जीना नहीं है। मैंने मौका दिया कि 4 दिन चलूंगा, बदल दो इस टी-शर्ट का रंग लाल कर दो। देखी जाएगा। मगर जो मैंने सोचा था, वही हुआ। जम्मू-कश्मीर के लोगों ने मुझे हैंड ग्रेनेड नहीं दिया, अपने दिल खोलकर प्यार दिया। गले लगे।'
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