इसे लेकर विपक्ष ने संसद में नारे बाजी और हंगामा भी किया है। कांग्रेस अध्यक्ष मल्लि कार्जुन खड़गे ने कहा कि हम विपक्षी दलों ने मिलकर इस मामले में एक रुख तय किया है। LIC के पैसे की बर्बादी और कई बैंकों का पैसा अडानी एंटर प्राइजेज में लगा हुआ है।
हम चाहते हैं कि इस घोटाले की जांच हो। जेपीसी से इसकी जांच कराई जाए। वहीं, कांग्रेस के संगठन महासचिव के.सी. वेणु गोपाल
ने सरकार पर लोगों की बचत की रक्षा करने के प्रति असंवेदन शील होने का आरोप लगाया और जेपीसी सेजांच करानेकी मांग
दोहराई।
राजीव गांधी सरकार पर बोफोर्स तोप खरीद मामले में घोटाले के आरोप लगे थे। इसकी जांच के लिए 1987 में जेपीसी का गठन
हुआ था। इस कथित घोटाले में इतालवी व्यापारी ओतावियो क्वात्रोची का नाम सामने आया था जिसे राजीव गांधी परिवार का
नजदीकी माना जाता था। इस सौदे के तहत 400 बोफोर्सतोपों की खरीद 1.3 अरब डॉलर में हुई थी। विपक्ष के दबाव में JPC का गठन हुआ। माना जाता है कि 1989 में हुए आम चुनाव में इसके चलते ही कांग्रेस हार गई।
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