गांधी की सजा उनके भाषण के अनुपात में नहीं हैऔर भाजपा को जल्दबाजी में उन्हें लोकसभा से अयोग्य घोषित नहीं करना
चाहिए था। पीएमके प्रमुख और पूर्व केंद्रीय मंत्री अंबुमणि रामदास ने धर्मपुरी में कहा, हम कांग्रेस के साथ गठबंधन में नहीं हैं
लेकिन इसके बावजूद हमें लगता है कि राहुल गांधी को उनके भाषण की बड़ी सजा मिली है। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी की
सांसदी छीनना भी गलत है।
शिवगंगागी जिले में एक कार्यक्रम के दौरान बोलते हुए डीएम के के आयोजन सचिव आर एस भारती ने फैसले के 24 घंटे बाद राहुल
गांधी को हटाए जाने की गति की आलोचना की। उन्होंने कहा कि पीएम मोदी के लिए बुरा समय शुरू हो गया है। मोदी के खिलाफ
उलटी गिनती शुरू हो गई है। मुख्यमंत्री और डीएम के अध्यक्ष एम के स्टालिन ने शुक्रवार को राहुल के संसद पद की अयोग्यता के
दिन इसे फासीवादी कृत्य बताते हुए निंदा की और कहा कि भाजपा विशेष रूप से भारत जोड़ो यात्रा के प्रभाव के बाद राहुल गांधी
से डर गई थी।
23 मार्च को गुजरात के सूरत में एक ट्रायल कोर्ट द्वारा राहुल गांधी को उनकी 'मोदी सरनेम' टिप्पणी पर एक आपराधिक मानहानि
मामले में दोषी ठहराया गया था। इसके बाद उन्हें दो साल की सजा सुनाई गई थी और फिर लोकसभा से उनकी सदस्यता भी चली
गई थी। तमिलनाडु में इसके बाद अलागिरी के नेतृत्व वाले पार्टी पदाधिकारियों ने कुंभकोणम में रेल रोको करके विरोध प्रदर्शन
किया। इसके अलावा, चेन्नई में चल रहे राज्य विधानसभा सत्र के दौरान भी कांग्रेस विधायक ने विरोध जताया है।
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