(India)
पक्ष और विपक्ष पार्टी में लोकसभा चुनाव की टिकटों को लेकर मंथन का दौर चल रहा है। सत्ता के लिए पक्ष और विपक्ष पार्टी में संघ का फीडबैक भी मायने रखता है। अभी कुछ पदाधिकारियों द्वारा बयान दिया गया की विधानसभा में हारे हुए नेताओं को लोकसभा में मौका नहीं दिया जाएगा | पदाधिकारियों ने ऐसा करने के पीछ तर्क दिया कि नयी पीढ़ी के कार्यकर्ता सत्ता में आगे नहीं आ पाएंगे। इस वाद विवाद का कितना आचरण किया जायेगा यह कहना अभी जल्दबाजी होगा | इस वाद विवाद पर चर्चाएं बनी हुई है | राजनीति में हमेशा देखा जाता है की विधानसभा में हारे हुए कई नेता लोकसभा चुनाव जीतते रहे हैं। राजनीति हमेशा दिमाग से की जाती है | हाल ही में एक विधायक को मंडल अध्यक्ष ने सबक सिखाया की अपने पद का गलत फायदा नहीं उठाना चाहिए, सत्ता वाली पार्टी के विधायक ने अपने दफ्तर पर ही संगठन से जुड़ी बैठक बुलावा ली थी। एक दो बार विधायक संगठन से जुड़ी बैठको के लिए दफ्तर गए | यह बात एक मंडल अध्यक्ष को खटकी और उसने कहा की आपने संगठन में काम नहीं किया, पहले आप संगठन की रीति नीति सीखिए क्यों कि राजनीति कभी भी पलट सकती है |
Author: JAN TV Editorial Team
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