(India)
केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने स्टार्टअप्स की लंबे समय से चली आ रही मांग को स्वीकार करते हुए 'एंजेल टैक्स' को खत्म कर दिया है।यह टैक्स स्टार्टअप्स और गैर-सूचीबद्ध कंपनियों पर तब लागू होता है, जब वे कंपनी के उचित बाजार मूल्य से अधिक कीमत पर घरेलू निवेशकों को शेयर जारी करके पूंजी जुटाती हैं।सरकार पहले अतिरिक्त आय पर 30.6% एंजल टैक्स लगाती थी, क्योंकि इसे अन्य स्रोतों से आय माना जाता था। यह कर पहली बार 2012 के केंद्रीय बजट में यूपीए-2 सरकार द्वारा लगाया गया था। तत्कालीन वित्त मंत्री प्रणब मुखर्जी ने इसे निवेश के माध्यम से 'मनी लॉन्ड्रिंग' को रोकने के लिए लगाया गया कर बताया था। एंजल टैक्स को शुरू में स्टार्ट-अप के लिए बहुत भारी माना जाता है। यह कर आमतौर पर कंपनी के मौजूदा बाजार मूल्य के बजाय उसकी भविष्य की क्षमता पर आधारित होता है। निवेशक इससे बहुत डरते हैं क्योंकि देनदारी बढ़ने की संभावना होती है।
Author: JAN TV Editorial Team
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