चंद्र आर्य ने अपनी यात्रा के दौरान भारत के साथ कनाडा के संबंधों को मजबूत करने की कोशिश की, लेकिन पार्टी के कुछ नेताओं को यह कदम पसंद नहीं आया। वे इसे ट्रूडो सरकार की विदेश नीति के खिलाफ मानते थे। इस विवाद के बाद चंद्र आर्य का टिकट रद्द कर दिया गया और पार्टी की तरफ से इस मामले पर कोई आधिकारिक बयान नहीं आया।
चंद्र आर्य के समर्थकों का कहना है कि उनका मोदी से मिलना केवल कूटनीतिक उद्देश्य के तहत था और इसमें कोई गलत मंशा नहीं थी। इस घटनाक्रम ने कनाडा की राजनीति में एक नई चर्चा को जन्म दिया है और आने वाले दिनों में इस मामले पर और भी बहस हो सकती है।
Author: JAN TV Editorial Team
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