(India)
करीब 500 दिन तक गाज़ा में बंधक रहने के बाद रूसी नागरिक अलेक्जेंडर ट्रूफानोव की आखिरकार घर वापसी हो गई। उन्हें फरवरी 2025 में युद्धविराम समझौते के तहत रिहा किया गया। गाज़ा से सुरक्षित लौटने पर राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने न केवल ट्रूफानोव और उनके परिवार से मुलाकात की, बल्कि उनकी रिहाई के लिए हमास को धन्यवाद भी दिया। पुतिन ने कहा कि यह रिहाई रूस और फलस्तीनी संगठनों के बीच लंबे समय से चले आ रहे भरोसे और मजबूत रिश्तों का परिणाम है। उन्होंने हमास के राजनीतिक नेतृत्व को भी धन्यवाद दिया और भरोसा दिलाया कि बाकी रूसी बंधकों की रिहाई के लिए भी रूस लगातार प्रयास करता रहेगा। अलेक्जेंडर ट्रूफानोव की कहानी काफी भावुक है। उनके परिवार पर अक्टूबर 2023 में उस समय संकट आया जब हमास ने इस्राइल पर बड़ा हमला किया। हमले के दौरान उनकी मां एलेना, दादी इरिना और मंगेतर सैपिर कोहेन को अगवा कर लिया गया, जबकि उनके पिता विटाली ट्रूफानोव की मौत हो गई। एलेना, इरिना और सैपिर को 53 दिन बाद बंधक अदला-बदली के तहत रिहा किया गया, लेकिन अलेक्जेंडर को लगभग 500 दिन तक बंधक बनाकर रखा गया।राष्ट्रपति पुतिन ने क्रेमलिन में ट्रूफानोव और उनके परिजनों से मिलकर उन्हें भरोसा दिलाया कि रूस अपने सभी नागरिकों की सुरक्षा और सम्मान के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने यह भी कहा कि भारत, चीन और रूस जैसे देश अब वैश्विक संकटों में मध्यस्थ की भूमिका निभा रहे हैं, ताकि निर्दोष लोगों की जान बचाई जा सके। गौरतलब है कि अक्टूबर 2023 में जब हमास ने इस्राइल पर हमला किया था, तब करीब 1,200 लोग मारे गए थे और 250 से ज्यादा लोगों को बंधक बना लिया गया था। इसके बाद इस्राइल ने गाज़ा पर जवाबी हमले शुरू कर दिए, जिनमें अब तक 50,000 से अधिक फलस्तीनी नागरिकों की मौत हो चुकी है। ऐसे में अलेक्जेंडर जैसे लोगों की सुरक्षित वापसी उम्मीद की एक किरण है, जो दिखाती है कि संवाद और कूटनीति के रास्ते से हल निकाला जा सकता है।
Author: JAN TV Editorial Team
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