जयशंकर ने इस बात पर चिंता जताई कि मुनीर की बयानबाज़ी और सोच क्षेत्रीय शांति के लिए खतरा बन सकती है। उन्होंने यह भी कहा कि भारत इस तरह के उकसावे का करारा जवाब देने की क्षमता रखता है और कूटनीतिक स्तर पर भी पाकिस्तान की हर हरकत पर नज़र बनाए हुए है।
इसके अलावा, विदेश मंत्री ने अमेरिका के उस दावे को भी खारिज किया जिसमें कहा गया था कि वॉशिंगटन ने भारत और पाकिस्तान के बीच सीजफायर कराने में भूमिका निभाई थी। जयशंकर ने साफ कहा कि भारत ने अपने राष्ट्रीय हितों को ध्यान में रखते हुए यह निर्णय स्वयं लिया था और इसमें किसी बाहरी देश की कोई भूमिका नहीं थी।
जयशंकर के इन बयानों से एक बार फिर यह स्पष्ट हो गया है कि भारत आतंकवाद और सीमा पार उकसावे को लेकर कोई समझौता नहीं करेगा, और अपनी विदेश नीति में आत्मनिर्भर और स्पष्ट रुख अपनाता रहेगा।
Author: JAN TV Editorial Team
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