शहबाज शरीफ ने जहां एक ओर आतंकवाद की निंदा करने की बात की, वहीं दूसरी ओर कश्मीर मुद्दे को घसीटते हुए भारत पर आरोप लगाए। उनके बयान को भारत में घड़ियाली आंसू और राजनीतिक प्रोपेगेंडा बताया जा रहा है।
विशेषज्ञों का कहना है कि पाकिस्तान की सरकार एक तरफ अंतरराष्ट्रीय मंच पर खुद को शांति की पक्षधर दिखाने की कोशिश करती है, जबकि दूसरी ओर वह भारत विरोधी एजेंडे से पीछे नहीं हटती। पहलगाम हमले पर शरीफ का रवैया इसी दोहरे चरित्र को दर्शाता है।
भारत की ओर से अभी तक इस बयान पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं आई है, लेकिन सूत्रों का कहना है कि पाकिस्तान की इस रणनीति को गंभीरता से लिया जा रहा है।
Author: JAN TV Editorial Team
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