इस समझौते से दोनों देशों के बीच व्यापार को बढ़ावा मिलेगा। भारत को ब्रिटिश बाजार में एक्सपोर्ट बढ़ाने में मदद मिल सकती है, खासकर टेक्सटाइल, फार्मा और ज्वेलरी जैसे क्षेत्रों में।
हालांकि, इसके कुछ नुकसान भी हो सकते हैं। भारतीय बाजार में सस्ते विदेशी प्रोडक्ट्स आने से घरेलू उद्योगों को चुनौती मिल सकती है। सरकार का कहना है कि यह समझौता संतुलित और पारस्परिक लाभकारी होगा।
Author: JAN TV Editorial Team
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