E10 शिंकानसेन, जो ALFA-X एक्सपेरिमेंटल ट्रेन तकनीक पर आधारित है, 2030 तक परिचालन में आना तय है। इसमें एडवांस जैसे तेज ब्रेकिंग, भूकंप-प्रतिरोधी डिजाइन व बेहतर सुरक्षा तकनीक शामिल हैं।
मोदी ने JR East (ईस्ट जापान रेलवे कंपनी) में ट्रेनिंग ले रहे भारतीय ड्राइवरों से भी मुलाकात की। ये ड्राइवर भविष्य में भारत में चलने वाली बुलेट ट्रेन परियोजना में शामिल होंगे। पीएम और इशिबा ने साथ मिलकर उनकी ट्रेनिंग की प्रशंसा भी की।
यह यात्रा द्विपक्षीय रणनीतिक और वैश्विक साझेदारी को और गहरा करने का महत्वपूर्ण कदम है। इस दौरान दोनों देशों ने आगे बढ़कर तकनीकी, बुनियादी ढांचे और QUAD (भारत–जापान–संयुक्त राज्य अमेरिका–ऑस्ट्रेलिया) सहयोग पर भी सहमति जताई।
प्रधानमंत्री मोदी और जापान के प्रधानमंत्री इशिबा ने E10 बुलेट ट्रेन में सवारी करते हुएनी केवल तकनीकी दृष्टिकोण से सहयोग को उजागर किया, बल्कि भारत की बुलेट ट्रेन परियोजनाओं में जापानी तकनीक और निवेश की भूमिका को भी रेखांकित किया। साथ ही, भारतीय ट्रेन चालकों की जापानी प्रशिक्षण यात्रा इस साझेदारी की व्यावहारिक गहराई का प्रमाण है।
Author: JAN TV Editorial Team
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