रूसी राष्ट्रपति पुतिन का चीनी अधिकारियों द्वारा लाल कारपेट स्वागत किया गया, जिससे चीन-रूस के रणनीतिक और स्थिर संबंधों का संदेश स्पष्ट हुआ। शी जिनपिंग ने सम्मेलन में बोलते हुए SCO को क्षेत्रीय शांति और विकास के लिए ज़िम्मेदारी उठाने वाले एक प्रमुख मंच के रूप में प्रस्तुत किया।
प्रधानमंत्री मोदी ने बैठक के दौरान विश्वास और साझेदारी को मजबूत करने पर जोर दिया है। वहीं, अन्य देशों के नेताओं ने संगठन की वैश्विक भूमिका को सुदृढ़ करने और साझा हितों के लिए सहयोग बढ़ाने पर चर्चा की।
सम्मेलन में "रूस-भारत-चीन (RIC)" त्रिकोणीय संबंधों को पुनर्जीवित करने पर ध्यान केंद्रित किया गया। इस दौरान मोदी और पुतिन ने एक-दूसरे के साथ एक अलग द्विपक्षीय बैठक भी तय की, जो संबंधों में नए आयाम जोड़ सकती है।
सम्मेलन के दौरान SCO के विकासात्मक एजेंडे पर चर्चा हुई, जिसमें आतंकवाद, चरमपंथ और सूचना सुरक्षा जैसे मुद्दों पर सहयोग को मजबूत करने की बात की गई। रूस, भारत, और चीन सहित सदस्य देशों ने भविष्य के विस्तार और एक दशक तक की रणनीति तैयार करने पर जोर दिया।
Author: JAN TV Editorial Team
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