चुनाव आयोग ने राहुल गांधी के इन दावों को तुरंत खारिज किया। आयोग की ओर से साफ कहा गया कि वोटर्स के नाम ऑनलाइन डिलीट नहीं किए जा सकते और इस तरह के आरोप भ्रामक हैं। आयोग के अनुसार, मतदाता सूची से किसी नाम को हटाने या जोड़ने की प्रक्रिया पूरी तरह नियमबद्ध होती है और इसमें स्थानीय स्तर पर सत्यापन भी किया जाता है।
चुनाव आयोग ने नागरिकों से अपील की कि वे आधिकारिक वेबसाइट या स्थानीय चुनाव कार्यालय के जरिए अपने नाम की स्थिति जांच लें। वहीं, राहुल गांधी के आरोपों के बाद इस मुद्दे पर राजनीतिक बहस तेज हो गई है।
Author: JAN TV Editorial Team
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