नदियों का जलस्तर तेजी से बढ़ने के चलते कई गांव पानी में डूब गए हैं। सैकड़ों पुल और सड़कें क्षतिग्रस्त होने से ग्रामीण इलाके मुख्य शहरों से कट गए हैं। प्रशासन ने हजारों लोगों को सुरक्षित स्थानों पर शिफ्ट किया है।
मराठवाड़ा क्षेत्र के बीड, लातूर, नांदेड़ और परभणी जिलों में हालात गंभीर बने हुए हैं। नाशिक विभाग में 3,800 से ज्यादा गांव प्रभावित बताए गए हैं। खेतों और बागानों को भारी नुकसान हुआ है। कई जगहों पर धान, सोयाबीन, कपास और अंगूर की फसलें चौपट हो गई हैं।
मॉनसून की शुरुआत से अब तक 100 से अधिक लोगों की मौत बारिश और बाढ़ से जुड़ी घटनाओं में हो चुकी है। वहीं, लाखों हेक्टेयर में फैली कृषि भूमि पानी में डूबने से किसानों को बड़ा नुकसान झेलना पड़ा है।
मुख्यमंत्री और वरिष्ठ अधिकारी लगातार प्रभावित जिलों का दौरा कर रहे हैं और राहत शिविरों में आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं।
बंगाल की खाड़ी में नया निम्न दबाव क्षेत्र बनने की आशंका जताई गई है, भारतीय मौसम विभाग ने महाराष्ट्र के कई हिस्सों में येलो अलर्ट जारी किया है। मॉनसून 15 अक्टूबर तक विदा हो जाएगा।
Author: JAN TV Editorial Team
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