इस सूची में कुल 57 नाम शामिल हैं — लेकिन जो बात सबसे ज्यादा चर्चा में है, वह यह कि इसमें एक भी मुस्लिम उम्मीदवार को टिकट नहीं मिला।
⚡ कौन हैं इस लिस्ट में खास नाम?
पार्टी ने 23 नए उम्मीदवारों को टिकट देकर युवाओं और नई छवि पर फोकस दिखाया है।
वहीं, 3 बाहुबली नेताओं को टिकट मिलने से विपक्ष ने इसे “दागदार राजनीति” करार दिया है।
4 मौजूदा विधायकों के टिकट काटे गए हैं, जिनमें कुछ को कमजोर प्रदर्शन और स्थानीय असंतोष की वजह से हटाया गया।यह कदम JDU के पारंपरिक वोट समीकरण से बड़ा बदलाव माना जा रहा है।
नीतीश कुमार ने जहां नए चेहरों पर भरोसा जताया है, वहीं कई पुराने विधायकों को किनारे कर दिया है।
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि नीतीश कुमार इस बार “सोशल बैलेंस + परफॉर्मेंस कार्ड” के कॉम्बिनेशन पर चुनाव लड़ना चाहते हैं।
पार्टी ने परंपरागत अल्पसंख्यक समीकरण से हटकर, अब “विकास, अपराध नियंत्रण और स्थिरता” के मुद्दे पर चुनाव केंद्रित करने की कोशिश की है।
वहीं मुस्लिम उम्मीदवारों की गैरमौजूदगी ने विपक्ष को निशाना साधने का मौका दे दिया है।
राजद और कांग्रेस नेताओं ने इसे “नीतीश का बीजेपी के दबाव में झुकना” बताया है
Author: JAN TV Editorial Team
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