इस बार की चुनावी घड़ी में 243 सीटों पर 254 प्रत्याशियों को उतारने का निर्णय लेने के पीछे विभिन्न दलों में आपस में समन्वय की कमी और सीट बंटवारे में असहमति प्रमुख कारण है। महागठबंधन में भले ही रालोद, कांग्रेस और वामपंथी दल शामिल हैं, लेकिन उनके बीच टिकट वितरण के मसले पर गहराई से खींचतान की स्थिति बनी हुई है।
कुछ अहम बातें:
- 243 सीटों पर 254 प्रत्याशी मैदान में हैं।
- 12 जगह प्रत्याशी आमने-सामने हैं।
- पहली बार NDA और INDIA गठबंधन में CM फेस को लेकर खींचतान है, कोई नाम सामने नहीं आया।
- RJD सबसे ज्यादा सीटों पर लड़ रही है, लेकिन कांग्रेस और वामपंथी दलों के साथ सीट शेयरिंग पर तनातनी दिखी।
- महिलाओं को टिकट देने में RJD सबसे आगे है, 24 महिला कैंडिडेट्स को टिकट दिया है।
- NDA का हर तीसरा प्रत्याशी फॉरवर्ड है, सवर्णों और OBC को साधने का प्रयास किया गया है।
- महागठबंधन में RJD ने अंतिम समय पर 143 उम्मीदवारों की सूची जारी की, जबकि कांग्रेस को 61 सीटें मिली हैं।
- NDA में JDU और BJP की सीटों में कमी आई है, चिराग पासवान की पार्टी को इसका फायदा मिल सकता है।
- इस बार 74 राजनीतिक दलों ने चुनाव में भाग लिया है, जिसमें प्रमुख राष्ट्रीय और क्षेत्रीय दल शामिल हैं।
- RJD ने महिलाओं के लिए सबसे अधिक टिकट (24) जारी किए हैं, जबकि अन्य दलों ने इससे कम दिया है।
इस चुनाव में NDA और INDIA दोनों ने पहली बार बिना कोई सीएम फेस का नाम सामने लाए चुनावी मैदान में उतरे हैं। ऐसे में, क्या यह चुनावी स्थिति पहले से भिन्न परिणाम देगी? जानने के लिए जुड़े रहें..
Author: JAN TV Editorial Team
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