हालांकि, अब अमेरिकी अदालत ने इस देश निकाले के आदेश पर रोक लगा दी है। अदालत ने कहा कि जब तक मामले की पूरी समीक्षा नहीं हो जाती, तब तक व्यक्ति को अमेरिका से बाहर नहीं भेजा जा सकता।
इस फैसले के बाद भारतीय समुदाय में राहत की भावना है। लोगों का कहना है कि 43 साल तक बेगुनाह रहते हुए सजा काटना एक न्यायिक त्रासदी है, और अब न्याय की दिशा में यह फैसला उम्मीद की किरण लेकर आया है।
Author: JAN TV Editorial Team
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