हाल ही में नेपाल सरकार ने 43 करोड़ बैंक नोटों की छपाई के लिए ग्लोबल टेंडर जारी किया, जिसमें चीन की सरकारी प्रिंटिंग कंपनियाँ सबसे आगे मानी जा रही हैं। इससे पहले भी नेपाल अपनी करेंसी के कई बड़े ऑर्डर चीन को दे चुका है।
चीन की सरकारी कंपनी चाइना बैंकनोट प्रिंटिंग एंड मिंटिंग कॉर्पोरेशन एशिया-अफ्रीका के कई देशों के लिए नोट छाप रही है। कम कीमत पर प्रिंटिंग से उसने अमेरिका और ब्रिटेन जैसे देशों का परंपरागत बाजार भी कमजोर कर दिया है।
विशेषज्ञों का मानना है कि बढ़ती आर्थिक निर्भरता के कारण पड़ोसी देश चीन की ओर झुक रहे हैं, और यह स्थिति आने वाले वर्षों में भारत की रणनीतिक चिंताओं को और बढ़ा सकती है।
Author: JAN TV Editorial Team
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