डेनमार्क सरकार ने इस कदम पर कड़ी प्रतिक्रिया दी है। विदेश मंत्री लार्स लोके रासमुसेन ने साफ कहा कि अमेरिका समेत सभी देशों को डेनमार्क की क्षेत्रीय अखंडता का सम्मान करना चाहिए। उन्होंने कहा कि ग्रीनलैंड भले ही अर्ध-स्वायत्त क्षेत्र हो, लेकिन वह डेनमार्क का हिस्सा है। इससे पहले भी उपराष्ट्रपति जेडी वेंस के ग्रीनलैंड दौरे और अमेरिकी गतिविधियों को लेकर कोपेनहेगन नाराजगी जता चुका है।
ट्रंप ने विशेष दूत की नियुक्ति का बचाव करते हुए कहा कि ग्रीनलैंड अमेरिका और उसके सहयोगियों की राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए बेहद अहम है। वहीं, जेफ लैंड्री ने सोशल मीडिया पर बयान देकर कहा कि ग्रीनलैंड को अमेरिका का हिस्सा बनाने की दिशा में काम करना उनके लिए सम्मान की बात है। इस पूरे घटनाक्रम ने संकेत दे दिए हैं कि आने वाले दिनों में ग्रीनलैंड को लेकर अमेरिका और डेनमार्क के रिश्तों में और तल्खी आ सकती है।
Author: JAN TV Editorial Team
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