चीन-जापान तनाव: निर्यात नियमों पर टकराव, टोक्यो की खेपें चीन में अटकीं
(India) चीन और जापान के बीच लंबे समय से चले आ रहे कूटनीतिक तनाव में इस हफ्ते और तेजी आ गई है। बीजिंग ने जापान से आने वाले कुछ सामानों पर नए निर्यात नियम लागू कर दिए हैं, जिससे टोक्यो की कई खेपें चीन की सीमा पर अटक गई हैं। जापान ने कहा है कि कृषि उत्पाद, मछली, साके और प्रसंस्कृत खाद्य सामग्री की आपूर्ति में देरी हो रही है। उधर, चीन ने साफ किया है कि “दोहरे इस्तेमाल वाली वस्तुओं” पर लगाए गए प्रतिबंध राष्ट्रीय सुरक्षा के लिहाज से जरूरी हैं।
तनाव की जड़ें नवंबर में तब और गहरी हुईं, जब जापान की प्रधानमंत्री सनाए ताकाइची ने संकेत दिया कि अगर चीन ताइवान के खिलाफ सैन्य कार्रवाई करता है, तो जापान मदद से पीछे नहीं हटेगा। चीन ताइवान को अपना हिस्सा मानता है और इस बयान पर तीखी प्रतिक्रिया देता रहा है। हाल ही में चीनी राजदूत वू जियांगहाओ ने जापान की उस मांग को ठुकरा दिया, जिसमें निर्यात पाबंदियां हटाने को कहा गया था। बीजिंग का कहना है कि ये कदम अंतरराष्ट्रीय कानून के अनुरूप और पूरी तरह वैध हैं।
इस बीच, चीनी कम्युनिस्ट पार्टी के अखबार पीपुल्स डेली ने जापान के दक्षिणपंथी नेताओं पर हमला करते हुए चेतावनी दी कि “नया सैन्यवाद” देश को फिर विनाश की ओर ले जा सकता है। वहीं, चीन ने दक्षिण कोरिया के साथ रिश्तों में गर्मजोशी दिखाई है और राष्ट्रपति ली जे म्युंग की बीजिंग यात्रा के दौरान नए व्यापार समझौतों पर हस्ताक्षर किए गए। इससे साफ है कि एशिया में चीन की कूटनीतिक प्राथमिकताएं बदलती नजर आ रही हैं, जबकि जापान के साथ संबंध और ज्यादा तनावपूर्ण होते जा रहे हैं।

Author: JAN TV Editorial Team

DISCLAIMER: इस वेबसाइट पर दी गई जानकारी केवल सामान्य एवं शैक्षणिक उद्देश्यों के लिए है। हमने जानकारी को सटीक रखने का प्रयास किया है, लेकिन इसकी पूर्णता या विश्वसनीयता की गारंटी नहीं दी जाती। तृतीय-पक्ष वेबसाइटों या स्रोतों की सामग्री पर हमारा नियंत्रण नहीं है। इस जानकारी के आधार पर लिया गया कोई भी निर्णय आपके अपने विवेक और जोखिम पर होगा।